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Aaiene Badal Jaayenge
हमे जो पहचानते थे कभी, घर के वो आईने बदल जाएँगे; वक़्त के साथ हर एक मरासिमो के माएईने बदल जाएँगे.
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MUHABBAT KO MEFOOZ
जो दिल मूहब्बत को मेफ़ूज़ भी ना रख सके उस दिल का टूट कर कूचल जाना ही बेहतर है ; जो मुल्क मुहब्बत की पाक़िज़गी से हिफ़ाज़त ना कर सके ; ऐसी दूनिया को छोड़ कर निकल जाना ही बेहतर है
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Subho aagayi chowkhat par
सूबहो आगाई चौखट पर चलो इस मैखाने से चले घर कर रहा होगा इंतेज़ार कोई इसी बहाने से चले
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Tanhaaiyan Gher Leti hai
जबभी तेरी यादों के चराग़ जल उठते है मैं ख़यालो में कहीं दूर निकल जाता हूँ; फिर से तन्हाइयाँ घेर लेती है मुझे; मैं वो मौसम हूँ जो फिर गम में बदल जाता हूँ
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Avyakt Bhagya
अतीत गूरुकल भिक्षा के लीए
वर्तमान गुरू शिक्षा के लीए ;
जीवन कर्म करने के लीए ;
आयवक्त भाग्या प्रतीक्षा के लीए
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Narma Subho Ke Ujaale
आहिस्ता सख़्त अंधेरो को काट ते है नरम सुबो के उजाले
जर्रा जर्रा वक़्त भी जिस के आगे सर झुका ले
कहाँ उसके सामने अपनी मर्ज़ी चलती है
यह सियासत उसकी है जो कायनात संभाले
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Lamho Kee Raakh
लौटकर मेरी दुनिया में बाद सदियों जो फिर कभी आप आओगे वक़्त की मिट्टी में दफ़न गुज़रे लम्हो की बस राख पाओगे ;
जिन पेड़ो से टूट के पत्ते सब रिश्ते भूल जाते है ;
हवाओं उन सज़र का गम समझना तुम जिसकी शाख हिलाओगे
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Khawab Jal Gaye
जवाब मुझसे पूछते हो
मैं परेशान उन्ही सवालों में;
क्यों ख्ता मैने मुहब्बत की की
क्यों उलझा रहा ख़यालो में;
मुहब्बत सबका मुक्कद्दर नहीँ
यह कहकर दामन टोड दिया ;
जैसे शब के खवाब जल गये
सुभो के उजालो में
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Muhhabbat Ke Buniyaad
आसू बनके गिरते है मुहब्बत के बुनियाद
तेरी आखों से
सिसक सिसक कर दम तोड़ती है याद
तेरी आखों से
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Khuda Samjhe Jaate hai
मुहब्बत के माने जहाँ खुदा समझे जाते है
वो दुनिया खूबसूरत कही और रक्खी है ;
वक़्त के साथ जिन मारासिमो के माने बदल जाते है;
यक़ीनन उसकी नीव कमज़ोर रक्खी है
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